मोबाइल को ब्लैंडर में पीसकर बताया एक फोन बनाने में 10-15 किलो अयस्क के खनन की जरूरत होती है


साइंस डेस्क. ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने एक फोन को ब्लैंडर में पीसकर दिखाया कि उसे बनाने में कौन-कौन से रासायनिक तत्व इस्तेमाल होते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, एक फोन में सोना, चांदी, टिन, नियोडाइमियम और प्रेसियोडायनियम जैसे विशेष तत्व पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें टंगस्टन और कोबाल्ट जैसे तत्व भी होते हैं जिनका खनन अफ्रीका के युद्ध क्षेत्र वाले हिस्से से किया जाता है। प्लेमाउथ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने यह प्रयोग रियल वर्ल्ड विजुअल कंपनी के साथ मिलकर किया है।

  1. शोधकर्ताओं ने फोन को सोडियम पराऑक्साउड की उपस्थिति में 500 डिग्री सेंटीग्रेट पर ब्लैंडर में पीसा। परिणाम में सामने आया कि एक मोबाइल फोन में में 33 ग्राम आयरन, 13 ग्राम सिलीकॉन, 7 ग्राम क्रोमियम, 90 मिग्रा चांदी और 36 मिग्रा सोना है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इसमें 900 मिग्रा टंगस्टन और 70 मिग्रा कोबाल्ट और मोलिबिडनम जैसे क्रिटिकल तत्व भी हैं।

  2. वैज्ञानिकों का कहना है कि एक फोन को तैयार करने में मजदूरों को 10-15 किलो अयस्क के खनन की जरूरत होती है। इसके लिए उन्हें 7 किलो हाई ग्रेड सोना, 1 किलो का कॉपर और 750 ग्राम टंगस्टन और 200 ग्राम निकिल के अयस्क का खनन करना पड़ता है।

  3. प्लेमाउथ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल 140 करोड़ मोबाइल बनाए जाते हैं। शोधकर्ता डॉ. अर्जन डिकस्त्र कहते हैं, हम दिन प्रति दिन मोबाइल पर निर्भर होते जा रहे हैं लेकिन हममें से कितने इसके बनने की कहानी से वाकिफ हैं। अयस्क के खनन को समझने की जरूरत है कि कैसे पूरी पृथ्वी को निचोड़ा जा रहा है।

  4. डॉ. अर्जन डिकस्त्र के अनुसार, एक अच्छा पहलू यह कि लोग अब अपनी सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक हो रहे हैं। चीजों को खरीदते समय उनकी खूबी और कंपनी द्वारा दी जा रही जानकारी को पढ़ रहे हैं। कई बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्ट को रिसाइकल करने की दर बढ़ा रही हैं। जिसकी जानकारी वे प्रोडक्ट पर भी दे रही हैं।

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