विश्वनाथ की नगरी में अब हनुमान जयंती की तैयारी, निकलेगी भव्य ध्वजायात्रा

वाराणसी. भगवान शंकर की नगरी वाराणसी में चैत्र पूर्णिमा 19 अप्रैल को हनुमान जयंती मनाई जाएगी। इस मौके पर परंपरागत रूप से भव्य हनुमान ध्वजा यात्रा निकाली जाएगी। बता दें कि इस हनुमान ध्वजा यात्रा में केवल बनारस या पूर्वांचल नहीं बल्कि पूरे देश व विदेशों से भी हनुमान भक्त शरीक होते हैं। हर उम्र के लोग रहते हैं। जिस अनुपात में बच्चे और युवा रहते हैं उसी अनुपात में महिलाएं और बुजुर्ग भी। युवाओं और बच्चों के साथ शरीक बुजुर्गों का उत्साह भी देखते बनता है। यात्रा भिखारीपुर से निकलेगी और संकटमोचन मंदिर तक जाएगी। मंदिर में सभी हनुमान ध्वज संकटमोचन जी के श्री चरणों में अर्पित किए जाएंगे।

आयोजक रामबली मौर्य ने पत्रिका को बताया कि यात्रा सुबह 07 बजे भिखारीपुर से निकलेगी और संकटमोचन मंदिर तक जाएगी। महाबली हनुमान जी को उनके जन्मदिन पर उपहार स्वरूप 5100 ध्वज चढ़ाए जाएंगे। ध्वज अर्पण के लिए भक्तों का समूह अहमदाबाद, गुजरात, मुंबई, सूरत के अलावा कनकसराय, रामसिंहपुर, अदलपुरा, कोनियां जलाली पट्टी, खोजवां, डाफी, जानकी नगर, शिवरतनपुर आदि क्षेत्रों से हजारों की तादाद में लोग अपनी-अपनी झांकियां लेकर भिखारीपुर तिराहे पर पहुंचेंगे। वहां से संयुक्त रूप से भव्यतम शोभायात्रा के रूप में संकटमोचन के लिए प्रस्थान करेंगे।

शोभायात्रा में एक तरफ पालकी में प्रभु राम के साथ बजरंगबली विराजेंगे तो दूसरी ओर 60 फीट लंबे रथ पर राम दरबार की झांकी आकर्षण का केंद्र होगी। पालकी को भक्तजन अपने कंधों पर उठा कर चलेंगे। मुख्य रथ पर विराजमान रामदरबार में संकटमोचन मंदिर की प्रमुख कीर्तन मंडली, रामनाम की अमृत वर्षा से भक्तों को भिंगोंते हुए राम कीर्तन के द्वार महाबली हनुमान जी को रिझाने का प्रयास करेंगे।

ध्वजा यात्रा में सम्मिलित भक्तों के मन्यतानुसार महाबली हनुमान जी अपने जन्मदिनपर विशेष प्रसन्न रहते हैं। इस दिन मांगी गई मुरादें जरूर पूरी करते हैं। ऐसे में भक्त उनके जन्मदिन पर भेंट स्वरूप ध्वजा अर्पण करके, रामनाम महामंत्री का जम करके, हनुमान चालीसा का पाठ करके, उनकी महाआरती करके अपने परिवार के कल्याण, समाज के कल्याण व देश के कल्याण के साथ आपसी भाईचारा की भावना विकसित करने की मनोकामना पूर्ति की अर्जी लगाते हैं। शोभायात्रा में रथ पर विराजमान श्री राम जी, लखन जी,सीता मइया व वानरी सेना के साथ अन्य देवगण के देवस्वरूप भक्तों पर अपने आशीर्वाद की वर्षा करते हैं।

भकतों के बीच महिला भक्तों का समूह हाथों में आरती की थाली लिए रामधु पर नृत्य करते भक्ति भाव से ओतप्रोत रहती हैं। सैकड़़ों बच्चों का समूह भी नाचते-झूमते जयकारा लगाते बानरी सेना का एहसास कराते चलते हैं। इस यात्रा में बच्चों व महिलाओं के अलावा बुजुर्ग भी पूरे उत्साह के साथ शामिल होते रहे हैं, इस बार भी वो उसी उत्साह व उमंग से शामिल होगे।

बता दें कि हनुमान ध्वजा यात्रा पूर्वांचल के लिए एक ऐसा भव्य आयोजन है जिसका संचालन पूर्णतया युवा वर्ग के हाथों में होता है। इस पूरे आयोजन में युवाओं की टोली के हाथों में ध्वजा, मुंह में सिर्फ जय श्रीराम, जय हनुमान, लाल निशान, जय बजरंगी जय हनुमान जैसे उद्घोष रहते हैं। शोभायात्रा में सैकड़ों की संख्या में झांकियां शामिल रहेंगी।

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