हर्पीज, बैक्टीरिया और डैंड्रफ के संक्रमण का आंखों पर होता है असर

ये होते हैं लक्षण
किसी रोग, जख्म, संक्रमण या कुपोषण से नजर धुंधली हो सकती है। आंखों से पानी निकलना, मवाद, धुंधला दिखना, आंखों का सूख जाना, लाल होना, पलकों पर सूजन, खुजली, दर्द व जलन आदि नेत्र संक्रमण के लक्षण हैं। जब हम कमजोर नजर की शिकायत लेकर आंखों के डॉक्टर के पास जाते हैं तो वे जांच करने के बाद कुछ खास परिस्थितियों में कॉर्निया ट्रांसप्लांट करवाने की सलाह देते हैं। कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सलाह हर्पीज, फंगल या बैक्टीरियल केराटिटिस जैसे संक्रमण होने के कारण दी जाती है। कुपोषण, रासायनिक दुष्प्रभाव, सूजन से कॉर्निया को नुकसान पहुंचता है। कॉर्निया आंसुओं और आंखों के पानी से ही पोषित होता रहता है।
हर्पीज
बचपन में यदि छोटी माता (चिकन पॉक्स) हो गई है तो हर्पीज हो सकता है। जब शरीर की इम्युनिटी कमजोर होने लगती है तो बैक्टीरिया वापस सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में हर्पीज हो सकता है जो कॉर्निया को नुकसान पहुंचाता है। शुगर लेवल अनियंत्रित होने से संक्रमण का खतरा रहता है।
डैंड्रफ
सिर की तरह आंखों की पलकों में भी डैंड्रफ होता है। इससे पलकों के बाल टूटने लगते हैं और आंख में चले जाते हैं। डैंड्रफ के कारण आंख रूखी हो जाती है। इससे आंख में सामान्य रूप से बनने वाली चिकनाई नहीं बन पाती है। इस वजह से आंख में संक्रमण होता है और आंख लाल हो जाती है।
संक्रमण से घाव का खतरा
संक्रमण का असर आंख की पलकों पर होता है। पलकों के अंदरुनी हिस्से में सूजन से घाव बनने का खतरा रहता है। संक्रमण यदि आंसू की ग्रंथि तक पहुंच जाए तो यह ग्रंथि बंद हो जाती है और आंख में दर्द होता है। सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति तब होती है जब संक्रमण कॉर्निया को प्रभावित करता है। इससे कॉर्नियल अल्सर का खतरा रहता है और आंखों की रोशनी तक जा सकती है।
इलाज : आंख के संक्रमण का इलाज एंटीबायोटिक, आइड्रॉप, मलहम और सेंक से होता है। कुछ वायरल इंफेक्शन आंख की सफाई रखने से ठीक हो जाते हैं। गंभीर संक्रमण होने पर नेत्र रोग विशेषज्ञ की
सलाह लें।
मर्जी से न लें कोई दवा
आंखों में संक्रमण होने पर लोग अपनी मर्जी से ऐसी आई ड्राप्स डाल लेते हैं जिनमें स्टेरॉइड्स होते हैं। इनसे आंखों को नुकसान पहुंचता है। बिना विशेषज्ञ की सलाह से संक्रमण में शहद, घी, जीभ से आंख साफ करने से भी दिक्कत बढ़ सकती है। कॉर्निया को भी नुकसान हो सकता है।
ये रखें सावधानी
आंखों में संक्रमण गंदे हाथों से मसलने, प्रदूषण, किसी दूसरे का इस्तेमाल किया गया काजल लगाने, दूसरे का रूमाल इस्तेमाल करना, चश्मा पहनने या आंखों की अच्छी तरह सफाई न करने से होता है। यदि कांटेक्ट लैंस लगाते हैं तो अपने आंखों को छूने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धो लें। संक्रमण होने पर तौलिया, रुमाल, बिस्तर, तकिया साफ रखें।

डॉ. मुकेश शर्मा, कॉर्निया एक्सपर्ट
डॉ. स्वाति तोमर, नेत्र रोग विशेषज्ञ

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