12 से 17 साल के लोगों की फेसबुक में दिलचस्पी घटी, लेकिन 45 से अधिक उम्र के बीच ज्यादा पॉपुलर


गैजेट डेस्क. सोशल मीडिया नेटवर्क फेसबुक से टीनएजर और युवा दूर हो रहे हैं। कंसल्टेंसी ईमार्केटर का मानना है, 60 वर्ष के बुजुर्गों की तुलना में 16 वर्ष के अमेरिकी फेसबुक को कम पसंद करते हैं। 12 से 17 वर्ष की आयु के युवा जो माह में कम से कम एक बार नेटवर्क पर जाते थे, आज उनका प्रतिशत 39 रह गया है। यह 2015 में 60% था। 45 से 64 ‌वर्ष की आयु के लोगों में यह आंकड़ा 58% है। विश्वस्त डेटा के अनुसार अन्य देशों में भी ऐसा ही ट्रेंड है। वैसे, फेसबुक के उपयोग की नापजोख पेचीदा है। कंपनी कहती है, उसने 2019 के पहले तीन महीनों में दो अरब फर्जी प्रोफाइल बनने से रोके हैं।

2003 में मार्क जकरबर्ग ने हार्वर्ड में अपनी क्लास के साथियों की आकर्षित करने की क्षमता की रैंकिंग के लिए एक वेबसाइट Facemash.com बनाई थी। कॉलेज ने उसे डिलीट करा दिया था। 19 वर्षीय मार्क ने जल्द ही फेसबुक पेश कर दी। 2006 में इसके एक करोड़ यूजर थे। इसे स्टूडेंट नेटवर्किंग साइट के नाम से जाना जाता था। अब फेसबुक के दो अरब से अधिक यूजर हैं। लेकिन टीनएजर दूर जा रहे हैं।

युवाओं के फेसबुक से मुंह मोड़ने का एक कारण उनका विद्रोही मिजाज है। कई टीनएजर अपने परिवार के बुजुर्गों के साथ नेटवर्क शेयर नहीं करना चाहते हैं। आरबीसी बैंक के मार्क महाने का कहना है, कंटेंट के कारण भी युवा अलग हो रहे होंगे। स्नैपचैट और इंस्टाग्राम पर टीनएजर इमेज और रोचक कहानियों के साथ अपने हर क्षण को दर्ज करने का मौका देते हैं। फेसबुक का जोर न्यूज और मैसेज पर है। वह पुराने दोस्तों से संपर्क बनाने में सहायक है लेकिन ब्रेकफास्ट फोटो पेश नहीं करता है।

फेसबुक किस्मत की धनी है। अमेरिकी रेगुलेटरों ने उसे 2012 में इंस्टाग्राम और 2014 में मैसेजिंग एप वॉट्सऐप के अधिग्रहण की अनुमति दे दी। अगर फेसबुक मैसेंजर को जोड़ा जाए तो कंपनी के पास (ईमेल छोड़कर) सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले पांच में से चार कम्युनिकेशन एप हैं। फेसबुक अलग-अलग प्लेटफार्म की आमदनी नहीं बताती है। लेकिन, कीबैंक कैपिटल मार्केट्स के एंडी हारग्रीव्स का अनुमान है, इस वर्ष उसकी 4691 अरब रुपए की आय में इंस्टाग्राम की हिस्सेदारी 23% होगी। यह अनुमान विज्ञापनदाताओं के सर्वे पर आधारित है। इंस्टाग्राम कहानी के फार्मेट में अधिक विज्ञापन देता है इसलिए उसकी आय और अधिक बढ़ने की संभावना है। 2020 में वॉट्सऐप पर विज्ञापन शुरू हो जाएंगे। इस समय उसकी योजना डिजिटल करेंसी लिब्रा लॉन्च करने की है। इस बीच 16 और 17 जुलाई को वाशिंगटन में अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने फेसबुक की डिजिटल करेंसी लिब्रा के बारे में कई तीखे सवाल पूछे थे। उन्होंने पूछा- क्या खर्च का पैटर्न बताने वाला डेटा शेयर किया जाएगा? फेसबुक लिब्रा से पैसे कैसे कमाएगी? फेसबुक के अधिकारी डेविड मार्कस ने बताया, डेटा देने के लिए यूजर की स्वीकृति ली जाएगी। पैसा एडवरटाइजर से आएगा। फिर भी हर किसी के मन में सवाल है कि घोटालों से घिरी फेसबुक ग्लोबल फाइनेंशियल करेंसी क्यों लॉन्च कर रही है? मार्कस ने सांसदों को भरोसा दिलाया कि उनकी चिंताओं का समाधान किए बिना लिब्रा लॉन्च नहीं की जाएगी।

माह में कम से कम एक बार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जाने वाले अमेरिकी

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अफ्रीका में वॉट्सऐप का दुरुपयोग

अफ्रीका में वॉट्सऐप की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ रही है। वह नाइजीरिया, घाना, केन्या और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में सबसे पॉपुलर सोशल प्लेटफॉर्म है। नाइजीरिया में वॉट्सऐप राजनीतिक हथियार बन गया। राष्ट्रपति चुनाव में दो प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों- बुहारी और अतिकू अबूबकर ने बड़ी सोशल मीडिया टीम तैनात की थीं। इन्हें लगभग 7000 रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जाता था। चुनाव अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर झूठी खबरें चलाई गईं। सिएरा लिओन, केन्या और दक्षिण अफ्रीका के चुनाव में भी वॉट्सऐप का जमकर दुरुपयोग किया गया।

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Facebook losing its grip on young people