आर्चर-स्टार्क सहित 5 खिलाड़ियों पर नजर; वॉर्नर, स्मिथ और बेनक्रॉफ्ट प्रतिबंध के बाद पहली बार एक साथ खेलेंगे


खेल डेस्क. ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच 1 अगस्त से 71वां एशेज सीरीज खेला जाएगा। एक तरफ वर्ल्ड कप जीतने के बाद इंग्लैंड की टीम के हौसले बुलंद हैं, तो दूसरी तरफ स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरून बेनक्रॉफ्ट की वापसी से ऑस्ट्रेलियाई टीम भी मजबूत नजर आ रही है। इंग्लैंड के जोफ्रा आर्चर ने अब तक एक भी टेस्ट नहीं खेला है। वे वर्ल्ड कप से कुछ दिन पहले ही इंग्लिश टीम में शामिल हुए थे। वनडे के सबसे बड़े टूर्नामेंट में उन्होंने 20 विकेट लिए। आर्चर के अलावा एशेज सीरीज में जेसन रॉय, जेम्स एंडरसन, वॉर्नर और मिशेल स्टार्क के प्रदर्शन पर सबकी नजर रहेगी।

पिछले साल मार्च में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट में बॉल टैम्परिंग के कारण वॉर्नर-स्मिथ पर एक-एक साल और बेनक्रॉफ्ट पर 10 महीने का प्रतिबंध लगाया गया था। वॉर्नर-स्मिथ ने वर्ल्ड कप से टीम में वापसी की। वहीं, बेनक्रॉफ्ट प्रतिबंध के बाद अब तक एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेले। तीनों उस विवाद के बाद पहली बार एक साथ टेस्ट खेल सकते हैं। इंग्लैंड के फैंस मैदान में तीनों की हूटिंग भी करेंगे। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि दबाव में तीनों का प्रदर्शन कैसा रहता है।

एशेज में इन पांच खिलाड़ियों पर नजर रहेगी
1. डेविड वॉर्नर : इस ऑस्ट्रेलियाई ओपनर ने वर्ल्ड कप में 647 रन बनाए। तीन शतक लगाकर उन्होंने फॉर्म में होने के संकेत दे दिए। हालांकि, उनके बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई टीम सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हार गई थी। वॉर्नर के नाम 74 टेस्ट में 21 शतक की मदद से 6363 रन हैं। इस दौरान उनका औसत 48.2 का रहा। पिछली बार इंग्लैंड में एशेज के दौरान उन्होंने 5 अर्धशतक लगाए थे, लेकिन एक भी शतक नहीं लगा सके थे। टीम 2-3 से सीरीज हार गई थी। ऐसे में इस बार वे वर्ल्ड कप के फॉर्म को जारी रखते हुए बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहेंगे।

2. जेसन रॉय : इंग्लैंड के इस ओपनर ने अब तक एक ही टेस्ट खेला है। इस दौरान एक अर्धशतक की मदद से कुल 77 रन बनाए। वर्ल्ड कप में रॉय ने 7 पारियों में 443 रन बनाए थे। 2012 में इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने संन्यास लिया था। उनके बाद कोई दूसरा ओपनर नियमित रूप से नहीं खेल सका। इस दौरान टीम 43 में से 27 मैच जीती। 11 में उसे हार का सामना करना पड़ा। पांच मुकाबले ड्रॉ रहे। इंग्लैंड की टीम जेसन रॉय से उम्मीद कर रही होगी कि वे ओपनिंग की समस्या को खत्म करें।

3. जोफ्रा आर्चर : ससेक्स की ओर से काउंटी खेलने वाले आर्चर पहली बार टेस्ट खेलेंगे। उन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल के सुपर ओवर में इंग्लैंड को जीत दिलाई थी। बारबाडोस में जन्मे आर्चर ने प्रथम श्रेणी मैच में 131 विकेट लिए। 28 मुकाबलों में उनका औसत 23.44 का रहा। वे एंडरसन, ब्रॉड और वोक्स के साथ गेंदबाजी की चौकड़ी बनाएंगे। टीम को उनसे वर्ल्ड कप की तरह ही बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

4. जेम्स एंडरसन : 37 साल के जेम्स एंडरसन फिलहाल दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज माने जाते हैं। पिंडली में खिंचाव के कारण आयरलैंड के खिलाफ नहीं खेलने वाले एंडरसन ड्यूक्स गेंद के ‘किंग ऑफ स्विंग’ माने जाते हैं। उन्होंने 148 टेस्ट में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया है। इस दौरान उन्होंने 575 विकेट लिए। एंडरसन ने 18 साल के करियर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 31 टेस्ट में 104 विकेट लिए। पांच बार उन्होंने 5+ विकेट लिए। वे ऑस्ट्रेलिया की जीत में सबसे बड़ी बाधा बन सकते हैं।

5. मिशेल स्टार्क : वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा 27 विकेट लेने वाले मिशेल स्टार्क पर सबकी नजर रहेगी। फैंस चाहेंगे कि वे वनडे के सबसे बड़े टूर्नामेंट की तरह इस प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज में भी प्रदर्शन करें। स्टार्क को इस दौरान जेम्स पैटिंसन, पीटर सिडल, पैट कमिंस और जोस हेजलवुड का साथ मिलेगा। 51 टेस्ट में 211 विकेट ले चुके स्टार्क की यॉर्कर गेंद लसिथ मलिंगा के बाद सबसे बेहतरीन मानी जाती है। स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 12 टेस्ट में 51 विकेट लिए।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


मिशेल स्टार्क।