चांद पर भाला तानते, चिल्लाते और कुत्तों को पीटते थे, मानते थे राजा के पापों का फल है ग्रहण


लाइफस्टाइल डेस्क. मंगलवार रात चंद्र ग्रहण का नजारा दिखाई देगा जिसे पूरे देश में देखा जाएगा। ग्रहण 16 जुलाई की रात 1.31 मिनट पर शुरू होगा और 17 जुलाई की सुबह 4.30 मिनट पर समाप्‍त होगा।दुनियाभर में चंद्र ग्रहण से जुड़ी कई ऐसी प्राचीन मान्यताएं प्रचलित हैं। इनमें रोशनी का खो जाना और शैतान का धरती पर हावी हो जाने का डर समाया होता था। कुछ मान्यताओं में इन्हें पाप से जोड़कर देखा जाता था। हालांकि ज्यादातर मान्यताएं नकारात्मकता से जुड़ी हैं वहीं कुछ ऐसी भी हैं जो लोगों में मेलजोल को बढ़ाती हैं।

आइए जानते हैंदुनिया के बड़े महाद्वीपों में किस तरह की मान्यताएं प्रचलित थीं।

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    कहा जाता है कि एक बार जगुआर (तेंदुएसा दिखने वाला जानवर) ने चांद पर आक्रमण कर दिया था और उसे खा लिया था। यही कारण है कि ग्रहण के समय चांद का रंग खूनी लाल हो जाता है। यह मान्यता इन्का साम्राज्य के लोगों से जुड़ी है। इनका मानना था कि चांद को खाने के बाद जगुआर अब पृथ्वी को तहस-नहस करने के बाद यहां के लोगों को खा जाएगा। इससे बचाव के लिएग्रहण के दिन लोग चांद की ओर भाला दिखातेथे और शोर मचाते थे। यहीनहीं कुत्तों को बांधकर पीटते हैं ताकि ये ज्यादा आवाज करें।

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    एक बेहद दिलचस्प मान्यता मेसोपोटामिया से जुड़ी है। मेसोपोटामिया का यूनानी अर्थ है दो नदियों के बीच। यह इलाका दजला (टिगरिस) और फ़ुरात (इयुफ़्रेटीस) नदियों के बीच के क्षेत्र में पड़ता है। इसे कांस्ययुगीन सभ्यता का उद्गम स्थल माना जाता है। ग्रहण के समय यहां के लोग मानते हैं कि चांद पर हमला कर दिया गया है। कहानी के मुताबिक, हमला करने वाले सात दानव थे। लोगों का मानना था कि चांद की ऐसी स्थिति इसलिए हुई क्योंकि राजा के द्वारा पृथ्वी की दुर्दशा की जा रही है। जिसे राजा के पापों के फल के तौर पर देखा जाता था। नेशनल जियोग्राफिक की एक रिपोर्ट में शोधकर्ता क्रप बताते हैं कि कई ऐसे रिकॉर्ड हैं जहां ऐसी मान्यताएं दर्ज हैं। इसके समाधान के तौर पर एक व्यक्ति को तत्कालिक तौर पर राजा घोषित किया जाता था। ग्रहण के दौरान इस इंसान की काफी देखरेख की जाती है वहीं वास्तविक राजा कुछ समय के लिए आम इंसान बन जाता था। ग्रहण खत्म होते ही वास्तविक राजा गद्दी संभाल लेता था और तत्कालिक राजा को जहर दे दिया जाता था।

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    ग्रहण से जुड़ी एक मान्यता ऐसी भी है जो डराती नहीं है। उत्तरी अमेरिका की एक जानजाति हूपा में अलग तरह की मान्यता है। ये लोग मानते हैं कि चांद की 20 पत्नियां और कई सारे पालतु पशु थे। इनमें ज्यादातर शेर और सांप थे। जब कभी चांद उनके लिए पर्याप्त भोजन नहीं ला पाता था तो वे उस पर आक्रमण कर देते थे। चंद्र ग्रहण की घटना तब खत्म होती थी जब चांद की पत्नियां उसे बचाने आती थी। वे चांद के खून को इकट्ठा करने के बाद उसकी सेहत का ध्यान रखती थीं ताकि वापस पुरानी स्थिति में आ सके। शोधकर्ता क्रप के मुताबिक, यहां की मान्यताओं में चंद्र ग्रहण का मतलब है चांद बीमार है। समस्या के समाधान के तौर हूपा जनजाति के लोग चांद के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना करते थे।

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    खगोलशास्त्री जरिता हॉलब्रूक के मुताबिक, ऐसा नहीं कि चंद्र ग्रहण को हर संस्कृति में गलत नजरिये से देखा जाता र्है। मेरा सबसे पसंदीदा भ्रम अफ्रीका के टोगो और बेनिन में रहने वाले लोगों से जुड़ा है। मान्यता के मुताबिक, ये लोग चंद्र ग्रहण के समय इकट्ठा होते हैं और पुराने झगड़े और गिले-शिकवे मिटाते हैं। यह ऐसा मौका होता है जब लोगों में सकारात्मकता बढ़ जाती है।

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    हमारे देश में ग्रहण के दौरान खाने से दूरी बनाने की मान्यता है। चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के अंदर ही रहने की सलाह दी जाती है। माना जाता है कि चंद्रग्रहण के समय गर्भ में पल रहे बच्चे की जान को खतरा रहता है। इसलिए मान्यता के अनुसार, चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिला को किसी भी तरह की धार वाली चीज इस्तेमाल नहीं करना चाहिए इससे गर्भ में पल रहे बच्चे के किसी भी अंग पर कट का निशान रह जाता है। वहीं कुछ लोगाें का मानना है कि चंद्रग्रहण के समय लोगों को नहाना चाहिए और अपने आस-पास मौजूद सभी नकारात्मकता को दूर कर देना चाहिए।

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    यूरोपीयदेशों में मान्यता है कि रात में वैंपायर यानी रक्तपिशाच निकलते हैं और चांद का खून पीते हैं। इससे उनकी पावर में इजाफा होता है। दूसरी कहानी ये है कि चंद्र ग्रहण के दौरान भूकंप और ज्वालामुखी जैसी घटनाएं घट सकती हैं। लोगों का मानना है कि जब चंद्र पृथ्वी के बेहद नजदीक होता है तो इसका असर गुरुत्वाकर्षण पर पड़ता है। ऐसी स्थिति में पृथ्वी के भीतर का लावाबाहर निकलता है और जमीन की सतह हिलती है। हालांकि इसका कोई प्रमाण नहीं मिला है। कहते हैं कि चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण काफी कमजोर है इसलिए ऐसी घटना हो सकती है। फिलहाल यह बात अब प्रमाणित नहीं हो पाई है।

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