स्मार्ट होम के गैजेट बीमारी पहचानेंगे, दवा का ऑर्डर देंगे, घर को होने वाली क्षति से अलर्ट करेंगे


गैजेट डेस्क. पेट्रिक लुकास आस्टिन. सुबह के छह बजे हैं और अलार्म क्लॉक सामान्य से जल्दी घंटी बजाने लगी है। उसमें कोई खराबी नहीं है बल्कि स्मार्ट क्लॉक ने आपके कार्यक्रम को स्कैन कर लिया है। सुबह आपको प्रेजेंटेशन के लिए जल्दी जाना है। बाथरूम का शॉवर स्वत: चलता है और मौसम के हिसाब से पानी देता है। इलेक्ट्रिक कार चलने के लिए तैयार है। वह छत पर लगे सोलर पैनल या विंड टर्बाइन से चार्ज हो चुकी है। जब आप घर लौटते हैं तब ड्रोन से आया पैकेट आपका इंतजार कर रहा होता है। उसमें सर्दी की दवा है। बाथरूम में लगे हैल्थ सेंसरों ने आने वाली बीमारी को भांपकर दवा का ऑर्डर स्वयं दे दिया।

  1. यह दस वर्ष बाद आने वाले स्मार्ट होम का काल्पनिक चित्र है। स्वीडिश रिसर्च फर्म बर्ग इनसाइट का कहना है, छह करोड़ 30 लाख अमेरिकी घर 2022 तक स्मार्ट होम बन जाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है, अब से दस वर्ष बाद सब कुछ इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) से होने लगेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण स्मार्ट होम अपने मालिकों या उसमें रहने वाले लोगों की जरूरतों को समझेंगे। रोबोटिक्स के इनोवेशन हमें ऐसी मशीनें देंगे जो सफाई, कुकिंग सहित अन्य घरेलू काम करेंगे।

  2. स्मार्ट होम ऑटोमेशन का खर्च बहुत अधिक होगा। एबीआई रिसर्च फर्म के अनुसार आईओटी गैजेट्स पर 2021 तक कंज्यूमर लगभग 8468 अरब रुपए खर्च करेंगे। इंटरनेट से जुड़े टेलीविजन के अलावा घर की माॅनिटरिंग और सिक्यूरिटी गैजेट्स की ओर निर्माताओं का ध्यान है। मार्केट रिसर्च कंपनी आईओटी एनालिटिक्स का कहना है, इस समय करीब सात अरब आईओटी कनेक्टेड डिवाइस चल रहे हैं। स्मार्ट होम हमारे बारे में बहुत अधिक जानकारी जुटाएंगे लिहाजा उनकी सुरक्षा अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। इंटरनेट से जुड़ा हर डिवाइस हैकरों के निशाने पर हो सकता है। भविष्य के स्मार्ट होम में एआई प्लेटफॉर्म पूरे घर के दिमाग के तौर पर काम करेंगे। उदाहरण के लिए आईओटी कंपनी क्रेस्ट्रॉन ऐसे सॉफ्टवेयर पर काम कर रही है जो किसी व्यक्ति की आदतों को रिकॉर्ड करेगा- जैसे कि वे सुबह के समय कौन सा संगीत सुनना पसंद करते हैं या दिन, रात के समय किस तरह की रोशनी चाहते हैं।

  3. भविष्य के स्मार्ट होम में रोबोट्स की भी भूमिका होगी। रोबोटिक फर्नीचर कंपनी ओरी लिविंग, आइकिया के साथ आपकी जरूरत के अनुरूप फर्नीचर के हिस्से बनाने पर काम कर रही है। जब डेस्क की जरूरत होगी तब बिस्तर अलग हो जाएगा। डिजाइन-3 कंपनी स्मार्ट होम रोबोट- कार्ल बना रही है। कपड़ों से ढंका रोबोट दिन भर घर के आसपास घूमेगा। कैमरों, सेंसर से बाहरी लोगों को पहचानेगा, गैस जैसे किसी भी नुकसानदेह एमिशन पर भी नजर रखेगा।

  4. सेहत का ध्यान रखने वाले एप्लीकेशन भी स्मार्ट होम का हिस्सा होंगे। अगर कोई व्यक्ति बार-बार मीठे सॉफ्ट ड्रिंक लेगा तो रेफ्रिजरेटर में फिट कैमरे और सेंसर कोई पौष्टिक विकल्प बताएंगे। मेडिसिन कैबिनेट चैक करेंगे कि क्या घर में रहने वाले लोगों ने अपनी दवाई ली है या नहीं। टॉयलेट के सेंसर यह भी देखेंगे कि क्या मानव मल की स्कैनिंग से किसी बीमारी के संकेत मिलते हैं। बाथरूम गैजेट्स बनाने वाली कंपनी टोटो ने यूरिन सैम्पल लेने वाले टॉयलेट का परीक्षण कर लिया है। एक कंपनी ऐसे आइने का पेटेंट करा रही है जो स्किन से सेहत की जांच करेगा।

  5. स्मार्ट लॉक: फ्रंट डोर में आवाज और चेहरा पहचानने की टेक्नोलॉजी होगी।

  6. वेदर स्टेशन: छत पर लगे सेंसर मौसम की सटीक भविष्यवाणी करेंगे।

  7. चार्जिंग पोर्ट: शक्तिशाली हुक अप इलेक्ट्रिक कारों, ई-मोटरसाइकल और अन्य वाहनों को चार्ज करेंगे।

  8. स्मार्ट शॉवर: आवाज से नियंत्रित होंगे शॉवर। हर बार सही तापमान के हिसाब से स्वत: चलेंगे।

  9. ड्रोन पैड: घर की छत या लॉन पर स्थित लैंडिंग पैड से ड्रोन्स सामान की डिलीवरी कर सकेंगे।

  10. मॉनिटरिंग डिवाइस: घर में लगे सेंसर पानी से होने वाले नुकसान, कीड़े-मकोड़ों पर नजर रखेंगे।

  11. लाइट अप वॉल्स: बल्ब व अन्य लाइट लगाने की जरूरत नहीं होगी। घर की दीवारें ही रोशन रहेंगी।

  12. हेल्थ सेंसर: सेंसर रहवासी की सेहत पर निगाह रखेंगे। किसी भी बीमारी के लक्षण पकड़ेंगे।

  13. रोलेबल टीवी: बेहद पतले टीवी सेट उपयोग न होने पर रोल किए जा सकेंगे।

  14. 3-डी प्रिंटर: माइक्रोवेव ओवन और टोस्टर के समान 3-डी प्रिंटर घर में होंगे।

  15. शेप शिफ्टिंग फर्नीचर: फर्नीचर आदेश देने पर अपना आकार बदलेंगे। इससे छोटे घरों, अपार्टमेंट में जगह बचेगी।

  16. टेक फ्री रूम: घरों में वायरलैस सिगनल ब्लॉक करने वाले कमरे होंगे। डिसकनेक्ट होने का मौका मिलेगा।

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      Smart Home gadgets will detect disease, order medicines, alert home damage