1 करोड़ खर्च कर महिलाओं के लिए 13 विशेष बसें बनाईं, इनमें बच्चों को दूध पिलाने जैसी सुविधाएं


पुणे (महाराष्ट्र).देशभर में व्यस्त बाजारों या सड़कों पर महिलाओं के लिए सुविधाघर की कमी है। जहां सुविधाएं हैं, वहां पर बेहतर साफ-सफाई न होने से महिलाओं को परेशानी होती है। सेहत पर भी असर पड़ता है। पुणे की दंपती ने इस समस्या को हल करने के लिए इनोवेशन किया है। उन्होंने पुणे महानगर पालिका के साथ मिलकर कबाड़ हो चुकी बसों को महिलाओं के लिए सुविधाघर में बदल दिया है। नाम रखा है- ती स्वास्थ्य। मराठी में ती महिलाओं का संबोधन है। 1.3 करोड़ रुपए खर्च कर ऐसी 13 बसें तैयार की गई हैं। सिर्फ 5 रुपएमें यह बसें महिलाओं को सुविधाएं देती हैं। यहां बच्चों के डायपर बदलने और उन्हें दूध पिलाने की व्यवस्था भी है।

बसों में महिला अटैंडेंट ही रखी गई हैं:

  • 2016 में तत्कालीन महानगर पालिका आयुक्त कुणाल कुमार ने महिलाओं के लिए सुविधाघर की कमी को दूर करने की पहल की। तब उन्होंने सेनिटेशन उद्योग से जुड़े उल्का सादलकर और राजीव खैर को बुलावा भेजा। इनकी कंपनी साराप्लास्ट का बड़ा नाम है। देश-विदेश में वे कई पुरस्कार जीत चुके हैं। बातचीत में कबाड़ बसों को सुविधाघर में बदलने का विचार आया।
  • उल्का बताती हैं कि अमेरिका में बेघर लोग रहने के लिए पुराने वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। पुणे में व्यस्त बाजारों और सड़कों पर जगह की कमी से वॉशरूम बनाना संभव नहीं था। इसलिए हमने कबाड़ हो चुकी बसों का इस्तेमाल किया। महिलाओं को परेशानी न हो इसलिए अटैंडेंट भी महिला ही रखी गई हैं। रोज 200 महिलाएं इनका इस्तेमाल करती हैं।

ये बसें 10 साल तक सेवाएं दे सकती हैं :
पुणे महानगर पालिका के सह-आयुक्त ज्ञानेश्वर मोलक ने बताया कि निकाय द्वारा पुरानी बसें कंपनी को दे दी जाती हैं। इन्हें बदलने में दस लाख रु. खर्च होते हैं। इससे ये 8-10 साल तक इस्तेमाल लायक हो जाती हैं।

स्वच्छता की जानकारी देने वाली स्क्रीन भी :

  • सेंसर वाले नल
  • आईना
  • डायपर बदलने के लिए जगह
  • सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन
  • शिशुओं को दूध पिलाने के लिए जगह
  • स्वच्छता की जानकारी देने वाली एलईडी स्क्रीन
  • कैफे के साथ ऑर्गेनिक फूड बिक्री केंद्र।

सोलर पैनल से चलती है लाइट-उपकरण :उल्का कहती हैं कि इस बस में लाइट और अन्य उपकरण सोलर पैनल पर चलते हैं। इसलिए खर्च कम आता हैं। बस में टेक्निशियन भी रखा है, जो सोलर पैनल में गड़बड़ी को जल्द से जल्द दूर करता है।’

इंदौर, बेंगलुरू, चेन्नई और मुंबई में भी जल्द सेवा शुरू की जाएगी :प्रोजेक्ट चला रही कंपनी साराप्लास्ट के प्रमुख राजीव खैर के मुताबिक ‘ती स्वास्थ्यगृह’ को पुणे में मिल रहे रिस्पॉन्स के बाद पांच और शहरों से हमें प्रस्ताव मिले हैं। पुणे में 100 जगह पर ऐसी बसें उपलब्ध कराने की योजना है। बेंगलुरू, इंदौर, मुंबई, चेन्नई सहित अन्य शहरों के नगर निगम ने इस प्रोजेक्ट से संबंधित जानकारियां ली हैं। जल्द ही इन शहरों में भी इस तरह की बसों की सुविधा शुरू की जाएगी।

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Special buses for women


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