रेलवे पानी की बोतल से टीशर्ट और कैप बनाएगा, 2250 स्टेशनों में मशीन लगाने की तैयारी


नई दिल्ली . रेलवे स्टेशनों पर फेंकी जाने वाली पानी की खाली बोतलों से अब टीशर्ट और कैप बनाई जा सकेंगी। रेलवे इसका सफल प्रयोग बिहार के पटना रेलवे स्टेशन से कर चुका है। अब देश के 2250 स्टेशनों में मशीन लगाने की तैयारी है। जहां इन बोतलों को रिसाइकिल कर दोबारा प्रयोग में लाया जा सकेगा। रेलवे बोर्ड की एडीजी स्मिता वत्स शर्मा ने बताया कि रेलवे में रोजाना करीब 16 लाख पानी की बोतल इस्तेमाल होती हैं।

इस प्रयोग के तहत प्रति स्टेशन औसत 300 बोतलें रोजाना क्रश की जा सकेंगी। इसके हिसाब से 2250 स्टेशनों में रोजाना 7 लाख बोतलेंक्रश होंगी,जिनसे करीब 58 हजार टीशर्ट बनाई जा सकेंगी। पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि पटना, राजेंद्र नगर और दानापुर में बोतल क्रश मशीन लगाई जा चुकी हैं, पटना स्टेशन से रोजाना करीब 300 बोतलें क्रश मशीन में डाली जा रही हैं।

12 बोतलों को क्रश करके बनाई जा रही एक टीशर्ट

बोतलोें को क्रश कर टीशर्ट बनाने वाली स्टार्टअप कंपनी बायोक्रश के सीईओ अजय मिश्रा के मुताबिक, इससे बनी टीशर्ट सामान्य टीशर्ट के मुकाबले अधिक टिकाऊ होती है। एक टीशर्ट के तैयार करने में करीब 12 बोतलों के उत्पाद की जरूरत होती है।

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T-shirt and caps can be made by crushing water bottles in 2250 railway stations


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