यूट्यूब पर स्क्रीन बंद होने पर भी सुन पाएंगे गाने, शोधकर्ता ने कहा – हर साल 5 लाख टन कार्बन फुटप्रिंट घटेगा


गैजेट डेस्क. यूट्यूब यूजर्स को जल्द ही इनएक्टिव स्क्रीन पर गाने सुनने का फीचर दे सकती है। यानी इसका बदला हुआ डिजाइन यूजर्स को बिना वीडियो के गाने सुननेदेगा। इससे कंपनी के कार्बन फुटप्रिंट 5 लाख टन तक कार्बन डाईऑक्साइड (CO2)प्रतिवर्ष कम कर देगा। शोधकर्ताओं के मुताबिक यूट्यूब का वार्षिक कार्बन फुटप्रिंट 10 मिलियन टन सालाना CO2 के बराबर है। स्ट्रीमिंग वीडियो में बहुत ऊर्जा इस्तेमाल होती है। इंटरनेट या फोन नेटवर्क की मदद से वीडियो यूजर तक पहुंचने के लिए कुछ सर्वर से गुजरता है, जिन्हें डेटा सेंटर होस्ट करते हैं।

इनएक्टिव स्क्रीन से कम होंगे कार्बन फुटप्रिंट

डेटा सेंटर्स के स्वामित्व वाली कंपनी जैसे गूगल, यूट्यूब की भी मालिक है। ये बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का इस्तेमाल करती है, जिसका उत्पादन कोयले या प्राकृतिक गैस से होता है। ये उन्हें पावर देते हैं। ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के मुताबिक वीडियो स्ट्रीमिंग जाइंट अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम कर सकते हैं, यदि वे यूजर्स को एक एनएक्टिव स्क्रीन पर ऑडियो सुनने की अनुमति देती है।

प्रीमियम सब्सक्राइबर्स को मिल रही सुविधा

ऐसे यूजर्स जो पेमेंट नहीं करते हैं, उन्हें यूट्यूब ऐप पर गाने सुनने के लिए स्क्रीन को एक्टिव रखना जरूी है। यानी स्क्रीन बंद या फोन लॉक होने पर गाना भी बंद हो जाता है। अभी सिर्फ प्रीमियम सब्सक्राइबर्स जो हर महीने पेमेंट करते हैं वे स्क्रीन को एक्टिव रखे बिना ऑडियो सुन सकते हैं।

डिजिटल कचड़े में करें कटौती : शोधकर्ता

इस बारे में शोधकर्ता प्रोफेसर क्रिस प्रीस्ट ने कहा कि ‘डिजिटल कचरे’ में कटौती करने और डिजिटल पाइपलाइन को पर्यावरण के ज्यादा अनुकूल बनाने का ध्यान डेटा केंद्रों पर है, लेकिन इसके लिए लेखांकन भी हार्डवेयर की आपूर्ति कर रहा है। उन्होंने आगे बताया कि उर्जा का उपयोग डेटा क्रेंद्रों में किया जाता है, लेकिन दुनियाभर में फैले नेटवर्क उपकरण भी इसमें शामिल हैं, अगर कोई यूजर मोबाइल देख रहा है तब मोबाइल ट्रांसमिशन मास्ट भी शामिल है।

प्रोफेसर क्रिस प्रीस्ट ने बताया कि यूट्यूब अपने डेटा केंद्रों के हिस्से को ऑफसेट करने के लिए ग्रीन एनर्जी खरीदता है, जो अच्छी बात है। प्रीस्ट ने कहा गूगल पर्यावरण के दृष्टिकोण से ऐसा करने वाली अग्रणी कंपनियों में से एक है। यूट्यूब डेटा के साथ-साथ टीम ने नेटफ्लिक्स डेटा सेंटर्स के उर्जा आंकड़ों का उपयोग किया। नेटफ्लिक्स डेटा सेंटर्स के आंकड़े यूट्यूब की दक्षता के बराबर है।

क्या है कार्बन फुटप्रिंट?

गाड़ी चलाने पर ईंधन जलता है जिससे वातावरण में CO2 उत्पन्न होती है। इसी तरह जब खाना बनाते या खाते हैं, तो भी यह कुछ मात्रा में CO2 पैदा होती है। यानी कार्बन फुटप्रिंट मानव जाति की दैनिक गतिविधियों, घरेलू या वाणिज्यिक रूप से होने के कारण पृथ्वी के वायुमंडल में जारी कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा है।

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YouTube design change could drastically cut its CO2 emissions

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